चाँद कैसे बना
यह एक सरल, कोमल एनसाइक्लोपीडिया-शैली की चित्रकथा है जो नन्हे बच्चों के लिए बताती है कि एक विशाल टक्कर के बाद चाँद कैसे बना और पृथ्वी का साथी बन गया।
बहुत समय पहले, पृथ्वी बहुत गर्म थी। अंतरिक्ष धूल और पत्थरों से भरा था।
एक बड़ा पत्थर, जिसका नाम थिया था, पृथ्वी के पास आया। थिया बहुत बड़ा था और तेज़ी से चल रहा था।
एक दिन, थिया पृथ्वी से टकरा गया। टक्कर बहुत ज़ोरदार थी।
टुकड़े उड़कर अंतरिक्ष में चले गए। वे पृथ्वी के चारों ओर एक छल्ले की तरह घूमने लगे।
टुकड़े एक-दूसरे से टकराए और चिपक गए। धीरे-धीरे वे मिलकर एक गोल दोस्त बन गए।
यह नया दोस्त चाँद था। गुरुत्वाकर्षण, एक कोमल आकर्षण, चाँद को पृथ्वी के पास रखता है।
चाँद पृथ्वी के चारों ओर एक दोस्त की तरह चक्कर लगता है। यह समुद्रों को हिलाता है और ज्वार बनाता है।
इस तरह चंद्रमा एक बड़ी टक्कर से जन्मा। अब यह आकाश में पृथ्वी का शांत, चमकता हुआ दोस्त है।
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बहुत समय पहले, पृथ्वी बहुत गर्म थी। अंतरिक्ष धूल और पत्थरों से भरा था।
एक बड़ा पत्थर, जिसका नाम थिया था, पृथ्वी के पास आया। थिया बहुत बड़ा था और तेज़ी से चल रहा था।
एक दिन, थिया पृथ्वी से टकरा गया। टक्कर बहुत ज़ोरदार थी।
टुकड़े उड़कर अंतरिक्ष में चले गए। वे पृथ्वी के चारों ओर एक छल्ले की तरह घूमने लगे।
टुकड़े एक-दूसरे से टकराए और चिपक गए। धीरे-धीरे वे मिलकर एक गोल दोस्त बन गए।
यह नया दोस्त चाँद था। गुरुत्वाकर्षण, एक कोमल आकर्षण, चाँद को पृथ्वी के पास रखता है।
चाँद पृथ्वी के चारों ओर एक दोस्त की तरह चक्कर लगता है। यह समुद्रों को हिलाता है और ज्वार बनाता है।
इस तरह चंद्रमा एक बड़ी टक्कर से जन्मा। अब यह आकाश में पृथ्वी का शांत, चमकता हुआ दोस्त है।



