नन्हों की सोने की कहानियाँकहानी संग्रह और ऐप
कहानियों पर लौटें
थोड़ी-सी समझ बाँटो, दुनिया बेहतर बनाओ

थोड़ी-सी समझ बाँटो, दुनिया बेहतर बनाओ

छोटी लोमड़ी, छोटी कछुआ और छोटा पक्षी सरल समझ और अच्छी आदतें बाँटते हैं ताकि नदी साफ रहे और प्रकृति की देखभाल हो। उन्होंने अपने पड़ोसियों को एक साथ काम करना सिखाया और यह पाया कि छोटी-छोटी बातें भी दुनिया को बेहतर बना सकती हैं।

अन्य कहानियाँ3-6 वर्ष8 पृष्ठ≈ 2 मिनट पढ़ने का समय
कहानी संग्रह1 / 8
थोड़ी-सी समझ बाँटो, दुनिया बेहतर बनाओ · 1
01 / 08

एक छोटे से गाँव में एक छोटी लोमड़ी, एक छोटी कछुआ और एक छोटा पक्षी रहते थे. वे खुशियाँ और विचार बाँटना पसंद करते थे.

थोड़ी-सी समझ बाँटो, दुनिया बेहतर बनाओ · 2
02 / 08

एक दिन नदी मलीन हो गई और मछलियाँ दुखी हो उठीं. सभी चिन्तित हुए और मदद करना चाहने लगे.

थोड़ी-सी समझ बाँटो, दुनिया बेहतर बनाओ · 3
03 / 08

छोटी लोमड़ी ने कहा, “ हम कूड़ा उठा सकते हैं। ” छोटी कछुआ ने सभी को याद दिलाया कि इसे धीरे-धीरे करना चाहिए और जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.

थोड़ी-सी समझ बाँटो, दुनिया बेहतर बनाओ · 4
04 / 08

छोटा पक्षी ऊँचा उड़कर ऊपर की ओर और भी कूड़ा देखा. उसने समझदार पेड़ को जो कुछ मिला वह बता दिया.

थोड़ी-सी समझ बाँटो, दुनिया बेहतर बनाओ · 5
05 / 08

समझदार पेड़ ने कहा कि समझ बाँटना अकेले काम करने से अधिक शक्तिशाली है. जब लोग अच्छे विचार बोलकर साझा करते हैं और उन पर अमल करते हैं, तो वे बड़ा फर्क ला सकते हैं.

थोड़ी-सी समझ बाँटो, दुनिया बेहतर बनाओ · 6
06 / 08

उन्होंने अपने पड़ोसियों को सफाई के तरीके और अच्छी आदतें बताईं. सबने समूह बनाए, बारी-बारी से सफाई की और नदी के किनारे पेड़ लगाए.

थोड़ी-सी समझ बाँटो, दुनिया बेहतर बनाओ · 7
07 / 08

नदी धीरे-धीरे साफ हुई और मछलियाँ फिर से खुशी-खुशी तैरने लगीं. बदलते हालात देखकर सभी खुश हुए और अच्छी विधियाँ दूसरे गांवों के साथ भी साझा कीं.

थोड़ी-सी समझ बाँटो, दुनिया बेहतर बनाओ · 8
08 / 08

छोटी लोमड़ी, छोटी कछुआ और छोटा पक्षी समझ गए कि समझ और अच्छी आदतें बाँटने से दुनिया बेहतर बन सकती है. यदि हर व्यक्ति थोड़ा-सा करे, तो मिलकर वे बहुत कुछ बदल सकते हैं.

पूरी कहानी पढ़ें

एक छोटे से गाँव में एक छोटी लोमड़ी, एक छोटी कछुआ और एक छोटा पक्षी रहते थे. वे खुशियाँ और विचार बाँटना पसंद करते थे.

एक दिन नदी मलीन हो गई और मछलियाँ दुखी हो उठीं. सभी चिन्तित हुए और मदद करना चाहने लगे.

छोटी लोमड़ी ने कहा, “ हम कूड़ा उठा सकते हैं। ” छोटी कछुआ ने सभी को याद दिलाया कि इसे धीरे-धीरे करना चाहिए और जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.

छोटा पक्षी ऊँचा उड़कर ऊपर की ओर और भी कूड़ा देखा. उसने समझदार पेड़ को जो कुछ मिला वह बता दिया.

समझदार पेड़ ने कहा कि समझ बाँटना अकेले काम करने से अधिक शक्तिशाली है. जब लोग अच्छे विचार बोलकर साझा करते हैं और उन पर अमल करते हैं, तो वे बड़ा फर्क ला सकते हैं.

उन्होंने अपने पड़ोसियों को सफाई के तरीके और अच्छी आदतें बताईं. सबने समूह बनाए, बारी-बारी से सफाई की और नदी के किनारे पेड़ लगाए.

नदी धीरे-धीरे साफ हुई और मछलियाँ फिर से खुशी-खुशी तैरने लगीं. बदलते हालात देखकर सभी खुश हुए और अच्छी विधियाँ दूसरे गांवों के साथ भी साझा कीं.

छोटी लोमड़ी, छोटी कछुआ और छोटा पक्षी समझ गए कि समझ और अच्छी आदतें बाँटने से दुनिया बेहतर बन सकती है. यदि हर व्यक्ति थोड़ा-सा करे, तो मिलकर वे बहुत कुछ बदल सकते हैं.