छोटी जलकन्या और चाँदनी तट
एक कोमल परीकथा जो चमकती चीज़ों से प्यार करने वाली और तट के सपने देखने वाली एक छोटी जलकन्या की कहानी बताती है। समुद्री मित्रों और एक बुद्धिमान कछुए की मदद से वह दयालुता, साहस और समुद्र व भूमि की अपनी-अपनी सुंदरता सीखती है।
छोटी जलकन्या उजले प्रवाल भित्ति के पास तैर रही थी. उसे चमकती चीजें पसंद थीं, और वह अक्सर मछलियों के लिए गाना गाती.
रात में वह चाँद की ओर देखती और तट के बारे में कल्पना करती. उसने ऐसे रेत और ऊँचे पेड़ों का सपना देखा जिन्हें उसने पहले कभी नहीं देखा था.
एक दिन उसने एक चमकती शीशे की बोतल पाई. उसके अंदर एक छोटा नक्शा था, नक्शे पर तट को दिल के आकार में दर्शाया गया था.
उसने बूढ़े कछुए कोआ से मदद मांगी. वह हँसकर बोला कि वह उसे उथले पानी तक ले जाएगा.
वे हिलते-कुलते समुद्री शैवाल और मुलायम रेत के बाग से गुज़रते. समुद्र के दोस्त छोटी-छोटी गीतें गा रहे थे, जिससे हिम्मत उनके दिल में चमक उठी.
आखिरकार वे चाँदनी के तले एक शांत खाड़ी तक पहुँचे. जलकन्या एक चट्टान पर चढ़ी और पहली बार तट को देखी.
रेत पर उसे एक बच्चा मिला, बच्चे का एक चमकता बटन गिर गया था. बच्चा दुखी लग रहा था और कह रहा था कि वह उसे नहीं ढूँढ पा रहा था.
जलकन्या को याद आया कि उसे भी चमकती चीजें पसंद हैं. वह पानी के अंदर गोता लगा और एक छोटी लहर के नीचे बटन ढूँढ निकाल लिया.
वह मुस्कुराते हुए बटन बच्चे को वापस कर दी. बच्चा मुस्कराया, उसने उसे एक गरमजोशी भरा आलिंगन दिया और धन्यवाद कहा.
जलकन्या ने सीखा कि बाँटने का एहसास सूरज की तरह होता है. वह और उसके दोस्त साथ में घर की ओर तैरते हुए लौटे, मन में संतोष और साहस भरकर.
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छोटी जलकन्या उजले प्रवाल भित्ति के पास तैर रही थी. उसे चमकती चीजें पसंद थीं, और वह अक्सर मछलियों के लिए गाना गाती.
रात में वह चाँद की ओर देखती और तट के बारे में कल्पना करती. उसने ऐसे रेत और ऊँचे पेड़ों का सपना देखा जिन्हें उसने पहले कभी नहीं देखा था.
एक दिन उसने एक चमकती शीशे की बोतल पाई. उसके अंदर एक छोटा नक्शा था, नक्शे पर तट को दिल के आकार में दर्शाया गया था.
उसने बूढ़े कछुए कोआ से मदद मांगी. वह हँसकर बोला कि वह उसे उथले पानी तक ले जाएगा.
वे हिलते-कुलते समुद्री शैवाल और मुलायम रेत के बाग से गुज़रते. समुद्र के दोस्त छोटी-छोटी गीतें गा रहे थे, जिससे हिम्मत उनके दिल में चमक उठी.
आखिरकार वे चाँदनी के तले एक शांत खाड़ी तक पहुँचे. जलकन्या एक चट्टान पर चढ़ी और पहली बार तट को देखी.
रेत पर उसे एक बच्चा मिला, बच्चे का एक चमकता बटन गिर गया था. बच्चा दुखी लग रहा था और कह रहा था कि वह उसे नहीं ढूँढ पा रहा था.
जलकन्या को याद आया कि उसे भी चमकती चीजें पसंद हैं. वह पानी के अंदर गोता लगा और एक छोटी लहर के नीचे बटन ढूँढ निकाल लिया.
वह मुस्कुराते हुए बटन बच्चे को वापस कर दी. बच्चा मुस्कराया, उसने उसे एक गरमजोशी भरा आलिंगन दिया और धन्यवाद कहा.
जलकन्या ने सीखा कि बाँटने का एहसास सूरज की तरह होता है. वह और उसके दोस्त साथ में घर की ओर तैरते हुए लौटे, मन में संतोष और साहस भरकर.



